कबीरधाम विशेषखास खबरछत्तीसगढ़

धमाका न्यूज़✍️ झंडा कांड क़े आग क़ी लपटों में सरकार बनाने वालों, हिन्दुओं के आराध्य महादेव के खंडन पर खामोश क्यों हो! पढ़े निखिलेश की खबर।

कवर्धा। हिंदू विरोधी कही जाने वाली कांग्रेस की सियासत जाते ही, धर्म प्रेमी, सनातनी प्रेमी और हिंदू हितैषी सरकार भारतीय जनता पार्टी की सियासत आते ही ऐसा लग रहा था जैसे राम राज्य आ गया हो, लोगों में उत्साह, उमंग उल्लास लबरेज थे, क्या कार्यकर्ता, क्या नेता ऐसे फूले नहीं समा रहे थे जैसे उनके हाथों में लाखों-करोड़ों की लॉटरी लग गई हो। लेकिन अफसोस घटनाएं नित हो रहे हैं, गौवंशों, इंसानों और भगवानों पर जुल्म क़ी खुली किताब है जबसे हिंदू हितैषी सरकार प्रदेश में आई है।

खास बात कवर्धा में हिंदू ब्रांड के नाम से जाने जाने वाले विजय शर्मा विधायक भी हैं, सियासत के कद्दावर मंत्री भी हैं, गृह मंत्रालय उनके पास हैं, ऐसे में कबीरधाम और जिला मुख्यालय कवर्धा में हिंदुओं की आस्था के साथ लगातार खिलवाड़ होना, असामाजिक तत्वों के गिरेबान तक पुलिस के हाथ छोटे पड़ क्यों रहे हैं, या पुलिस और क़ानून का उन्हें जरा भी खौफ नहीं रहा। कहीं गौ माताओं की निर्मम हत्या हो रही तो कहीं उन्हें सारेराह काटे जा रहे हैं और कभी मंदिरों को तोड़े और हिन्दू देवी देवताओं क़ी मूर्तियों को खंडित किये जा रहे हैं।

हाल ही में काली गार्डन में प्रतिष्ठित शिव मंदिर से भगवान शिव की प्रतिमा और नंदी की प्रतिमा को उखाड़ कर किसी असामाजिक तत्व ने दूर फेंक कर खंडित कर दिया, ये पहली बार नहीं वरण इसके पहले भी ऐसी वारदातें यहाँ हो चुकी है, शायद यह घटना उतनी बड़ी नहीं जितना बड़ा झंडा कांड था, यही वजह है कि भारतीय जनता पार्टी सरकार ने इस मसले पर खास ध्यान नहीं दिया। या यूं कहें कि जिस तेवर के साथ विपक्ष में रहकर हमले और विरोध करते रहे सत्ता में आते ही सारे नशे चूर हो गए और सिर्फ विकास और तरक्की पर फोकस हैं।

क्या हिंदुओं के आराध्यों पर हो रहे तोड़फोड़ और आगजनी की घटना क्या हिंदू आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं? क्या हिंदुओं की मौन व्यथा पर वे कार्रवाई नहीं करना चाहते? क्या हिंदुओं की आस्था आस्था नहीं या धर्म की आस्था उनके सामने कुछ नहीं रह गई है झंडा कांड के सामने।

बहरहाल हिंदू आस्था पर हो रहे निरंतर हमले पर सनातनी सरकार की खामोशी अब प्रश्न चिन्ह खड़ा करती है, क्या यह वही सरकार है जो हिंदुओं की रक्षा सुरक्षा संरक्षण और उसकी आस्था उनके सम्मान के लिए सियासत कर रही थी या अब यह वही सरकार है जो लोगों को धर्म के नाम पर आस्था के नाम पर लड़ा कर सत्ता हासिल कर उन्हें किनारा कर उनकी आस्था और विश्वास के साथ कुठाराघात कर रही है,,, अगर नहीं तो हिंदुओं की आस्था पर हो रहे लगातार हमले पर त्वरित और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और दोषियों पर से पर्दा उठना चाहिए!

Nikhil Soni

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