कवर्धा

धमाका न्यूज़✍️ भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी से खदबदा रहा कवर्धा, आखिर किसके संरक्षण में हो रहा बेखौफ भ्रष्टाचार! कहीं मिल बाँट कर खाने का रिवाज तो नहीं चल रहा! पढ़े निखिलेश की कलम से✍️

निखिलेश सोनी प्रतीक की कलम से ✍️

कवर्धा। विगत दो बरस की भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार इस कदर पैर पसार चुका है कि अब लोगों के जेहन में सिर्फ भ्रष्टाचार की गूंज ही सुनाई देने लगी है। कोई विभाग नहीं बचा जो भ्रष्टाचार की दलदल में ना फंसा हो, बहुतेरे विभाग और विभाग प्रमुख ना जाने किस शक्तिमान के संरक्षण में भ्रष्टाचार को अमली जामा पहनाने से कतई नहीं घबरा रहे हैं। 7 करोड़ से अधिक की रकम का धान चूहे खा गए इससे बड़ी शर्मनाक बात और क्या होगी, यह हम नहीं अधिकारी बोल रहे हैं। चूहों पर इतना बड़ा इल्जाम लगाना हिम्मत की बात है। अपने किये कराये पर परदा डाल बेचारे चूहों पर आरोप मढ़ा जाना यह तय करता है कि भ्रष्टाचार बेलगाम है जो होगा और होते रहेगा।

छत्तीसगढ़ प्रदेश की भाजपा सरकार के कवर्धा विधानसभा में भ्रष्टाचार आंखें दिखा रहा है, अनेक अधिकारी और कर्मचारी लाखों उपहार देकर यहां पर तैनात है जिसकी वसूली वे कर रहे हैं, उन्हें संरक्षण आखिर किसका मिला है कि जनता जनार्दन की आँखों के सामने सारेआम और खुलेआम भ्रष्टाचार को अपना कानून बना चुके हैं, विपक्ष चिल्ला रहा है, चौथा स्तम्भ बता रहे है, आम जनता में चर्चा है कि इस नवेले भाजपा सरकार में आखिर क्या हो रहा है, ऐसी खदबदाहट कवर्धा के इतिहास में कभी नहीं देखा गया और कभी नहीं सुना गया किंतु दो बरस के भाजपा सरकार में कवर्धा में न जाने भ्रष्टाचार इस कदर हाबी हो गया है कि अधिकारी, नेता, कार्यकर्ता, ठेकेदार, सब करोड़पति बनने की दौड़ में भाग रहे हैं। स्थानीय विधायक एवं गृह मंत्री विजय शर्मा की साख को न जाने ऐसे कौन लोग हैं जो कलंकित करने पर लगे हुए हैं, उनकी स्वच्छ और वेदाग छवि को धूमिल करने की फिराक में न जाने ऐसी कौन सा साया पीछे पड़ा हुआ है!

बहरहाल कवर्धा को भ्रष्टाचार का किला कहे तो कोई गलत नहीं होगी, कवर्धा में पूरी तरह भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी, रिश्वतखोरी, अवैध वसूली पैर पसार चुका है, हर विभाग, हर विभाग प्रमुख और इन विभागों में तैनात कार्यकर्ता, नेता, अवैध वसूली और भ्रष्टाचार में मशगुल हैं, जनता के काम नहीं हो रहे हैं, लोग न्याय की गुहार लगा रहे हैं किंतु कहीं किसी का काम नहीं हो रहा है, सब पैसे कमाने की दौड़ में भाग रहे हैं, ना कोई सुनवाई हो रही है ना कोई न्याय हो रहा है इस शहर में।

Nikhil Soni

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