कवर्धा

धमाका न्यूज़✍️ वर्ष दर वर्ष गिरता भोरमदेव महोत्सव की लोकप्रियता का ग्राफ, स्थानीय प्रशासन के रवैये से खासी नाराजगी, पत्रकारों ने भी बनाई दूरी।

कवर्धा। छत्तीसगढ़ के खजुराहो कहे जाने वाले भोरमदेव में तीसवां भोरमदेव महोत्सव आज 17 तारीख को बिना किसी शोर शराबे, प्रचार-प्रसार और विज्ञापन के जिला प्रशासन के द्वारा आयोजित है। महोत्सव में जहां स्थानीय कलाकारों को तवज्जो नहीं दिया गया वहीं पत्रकारों को आमंत्रण कार्ड भी नहीं दिए गए जिससे जाहिर होता है कि जिला प्रशासन इनके साथ दुर्भावना पूर्ण व्यवहार कर रहा है। परिणाम स्वरुप भोरमदेव महोत्सव शहर तक सीमित रहकर रह गया है ना दर्शकों की वहां आमद हो रही है और ना ही पत्रकारगढ़ वहां जा रहे हैं। अधिकारियों और सत्ताधारी नेताओं को बस यहां पर देखा जा रहा है साथ ही खचाखच पुलिस बल तैनात है।

यह पहला वर्ष है जब भोरमदेव महोत्सव में स्थानीय कलाकारों को मंच तक नहीं दिए गए और ना ही कार्ड में उनका नाम दर्ज है वहीं पत्रकार जो शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार करते रहे हैं उन्हें आमंत्रण कार्ड भी वितरित नहीं किए गए हैं जिससे साफ जाहिर होता है कि यह महोत्सव मार्च क्लोजिंग अर्थात वित्तीय वर्ष के समापन का महोत्सव बनकर रह गया है। बैगा बाहुल बोड़ला ब्लॉक के में भोरमदेव महोत्सव के आयोजन में वहां के स्थानीय लोगों की भी उपेक्षा की गई है जिसकी वजह से बोड़ला ब्लॉक के लोग भी भोरमदेव महोत्सव में जाने से कतरा रहे हैं उन्हें भी कार्ड नहीं विपरीत किए गए हैं ना ही किसी प्रकार की आम मुनादी कराई गई है, ना ही पोस्टर फ्लेक्स लगाए गए हैं पत्रकारों को इस महोत्सव से दूर ही रखा गया है।

फलसफा बात करें तो खजुराहो के नाम से विख्यात भोरमदेव मंदिर के नाम पर होने वाले भोरमदेव महोत्सव का ग्राफ वर्ष दर वर्ष गिरता जा रहा है जिला प्रशासन के दुर्भावना पूर्ण व्यवहार की वजह से तथा महोत्सव के प्रचार प्रसार बैठक तथा कलाकारों का चयन संबंधित किसी भी प्रकार की कार्यवाही आम न रहकर बंद कमरे में तय होती है जिससे साफ जाहिर है कि यह भोरमदेव महोत्सव अब अपनी लोकप्रियता जिला प्रशासन के सुनयोजित रवैइये की वजह से गिरता जा रहा है, जिसकी वजह से क्षेत्र के लोग, कलाकार, पत्रकार सभी नाराज हैं।

Related Articles

Check Also
Close
Back to top button