कवर्धा

धमाका न्यूज़✍️वैवाहिक सीजन में गन्ना किसानों को बड़ी राहत, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों से भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना के किसानों के लिये ₹13.80 करोड़ जारी

कवर्धा | दिनांक: 28 अप्रैल 2026 वैवाहिक सीजन एवं आगामी फसल की तैयारियों के बीच गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना, राम्हेपुर (कवर्धा) द्वारा किसानों को ₹13.80 करोड़ की राशि जारी की गई है।

इसके साथ ही चालू सत्र में अब तक कुल ₹71.29 करोड़ का भुगतान किसानों को किया जा चुका है, जिससे क्षेत्र में खुशी, संतोष और भरोसे का माहौल बना हुआ है।

रिकॉर्ड समय में भुगतान , भरोसे की मिसाल
कलेक्टर एवं कारखाने के प्राधिकृत अधिकारी गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में भुगतान प्रक्रिया लगातार जारी है। समयबद्ध भुगतान से सहकारी व्यवस्था में किसानों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।

उत्पादन में भी शानदार प्रदर्शन
चालू पेराई सत्र में कारखाने ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है—
* गन्ना पेराई: 2,55,818 मीट्रिक टन
* शक्कर उत्पादन: 3,09,120 क्विंटल
यह सफलता किसानों के सहयोग, प्रशासनिक मार्गदर्शन और कारखाने की कुशल कार्यप्रणाली का परिणाम है।
*किसानों और श्रमिकों के हित में निरंतर पहल*
भोरमदेव शक्कर कारखाना न केवल भुगतान में अग्रणी है, बल्कि किसानों के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है—
✔️ FRP के अतिरिक्त रिकवरी आधारित अतिरिक्त भुगतान
✔️ शासन द्वारा प्रदत्त बोनस का वितरण
✔️ रियायती दर पर शक्कर उपलब्धता
✔️ उन्नत बीज एवं कृषि मार्गदर्शन
* नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम
* सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण
* किसानों के लिए सर्वसुविधायुक्त “बलराम सदन”
* मात्र ₹5 में गरम भोजन की कैंटीन सुविधा
* ये पहल कारखाने की किसान-हितैषी सोच को दर्शाती हैं।

जिले की अर्थव्यवस्था का मजबूत इंजन
भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना जिले की आर्थिक प्रगति में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है।
* किसानों को न्यूनतम मूल्य की गारंटी
* फसल विविधता को बढ़ावा (धान के विकल्प के रूप में गन्ना)
* हजारों लोगों के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार
* पीडीएस हेतु कम दर पर शक्कर आपूर्ति
– स्थानीय बाजार में आर्थिक तरलता का संचार
*निष्कर्ष*
समय पर भुगतान, बेहतर प्रबंधन और किसान-केंद्रित योजनाओं के चलते भोरमदेव शक्कर कारखाना आज सहकारी मॉडल की सफलता का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है। इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, बल्कि पूरे जिले में विकास की गति भी तेज हो रही है।

Nikhil Soni

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