कवर्धा जिले के ग्राम बिरकोना में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों ने पंचायतों की भूमिका, पारदर्शिता और जनभागीदारी को लोकतंत्र की मजबूती का आधार बताया। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर ग्राम बिरकोना में एक विशेष ग्राम सभा का आयोजन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिला पंचायत सभापति वीरेंद्र साहू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ग्राम के सरपंच मनोज साहू, उपसरपंच श्रीमती जोशी, पंचगण, तहसीलदार पी.के. चंद्रवंशी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, वरिष्ठ नागरिक एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत ग्राम सभा की औपचारिक कार्यवाही के साथ हुई, जिसमें विभिन्न विकास कार्यों, योजनाओं और ग्राम स्तर की आवश्यकताओं पर चर्चा की गई। इस दौरान ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव खुले रूप से रखे। मुख्य अतिथि वीरेंद्र साहू ने अपने संबोधन में कहा कि पंचायती राज व्यवस्था भारतीय लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव है, जो शासन को गांव-गांव तक पहुंचाने का कार्य करती है। उन्होंने 73वें संविधान संशोधन का उल्लेख करते हुए बताया कि इस संशोधन के माध्यम से पंचायतों को संवैधानिक अधिकार प्राप्त हुए, जिससे ग्रामीण विकास को नई दिशा और गति मिली है। उन्होंने ग्राम सभा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल एक बैठक नहीं, बल्कि गांव के समग्र विकास की आधारशिला है। यहां प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से योजनाएं बनती हैं और उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होता है। श्री साहू ने पंचायत प्रतिनिधियों से पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी के सिद्धांतों के अनुरूप कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने डिजिटल तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने, सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) को नियमित रूप से लागू करने और शासन की योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने पर विशेष बल दिया। कार्यक्रम के दौरान ग्राम विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों जैसे मूलभूत सुविधाएं, शासकीय योजनाओं का लाभ, स्वच्छता और आधारभूत संरचनाओं के विकास पर भी विस्तृत चर्चा की गई। अंत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने ग्राम विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने और पंचायत व्यवस्था को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।