कबीरधाम विशेष

धमाका न्यूज़✍️महात्मा गांधी नरेगा के स्थान पर प्रतिस्थापित होने वाले नए कानून से ग्रामीण हुए परिचित, 125 दिनों का गारंटी रोजगार, समय पर मजदूरी भुगतान सहित ग्रामीण विकास पर हुआ ज्ञानवर्धन।

ग्राम सभा के आयोजन से घर-घर पहुंचा विकसित भारत जी राम जी।

विशेष ग्राम सभा का हुआ आयोजन

ग्रामीणों को 125 दिनों का रोजगार, समय पर मजदूरी भुगतान,मांग आधारित रोजगार,ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास और आजीविका संवर्धन सहित अनेक जन कल्याणकारी प्रावधानों के साथ बने नए कानून विकसीत भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण, विकसित भारत जी राम जी की जानकारी ग्रामीणों को ग्राम सभा के माध्यम से दी गई। ग्राम सभा में बताया गया है कि नय योजना से विकसित ग्राम से विकसित राष्ट्र की कल्पना साकार होगी और ग्रामीणों के जीवन मे सकारात्मक बदलाव आएगा। महात्मा गांधी नरेगा में होने वाले बदलाव के विषय में ग्रामीणों को पूरी जानकारी देने के लिए कबीरधाम जिले के सभी ग्राम एवं ग्राम पंचायत मुख्यालय में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया था जिसमे बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने नय योजना के विषय मे जानकारी प्राप्त की। इस संबंध में कलेक्टर कबीरधाम श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि मनरेगा योजना के स्थान पर विकसित भारत जी राम जी-2025 प्रतिस्थापित हो रहा है। नय प्रावधान मुख्य रूप से विकसित भारत 2047 के लिए महत्वपूर्ण है जो विकसित ग्राम से विकसित राष्ट्र की ओर लेकर जाएगा।इसलिए ग्रामीण अंचलों में सभी को नए कानून के बारे में पूरी जानकारी देने के उद्देश्य से 26 दिसंबर को जिले के सभी ग्राम एवं ग्राम पंचायत मुख्यालय में ग्राम सभा का आयोजन हुआ है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कबीरधाम श्री अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि ग्राम सभा में विशेष रूप से नय कानून में ग्रामीणो, श्रमिकों, महिलाओं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति परिवारों और कमजोर समूह के लिए किए गए उपबंध के बारे में बताया गया है। 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए कानून की जानकारी ग्राम सभा के माध्यम से घर-घर तक पहुंचाई गई है इसके साथ ही वॉल राइटिंग फ्लेक्स बैनर द्वारा भी नए प्रावधानों का व्यापक प्रचार प्रसार किया गया है।मजदूरी भुगतान, योजना से होने वाले कार्य,पारदर्शिता सहित ग्रामीणों के अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई।

*विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (जी राम जी) की प्रमुख विशेषताएं।*

1) प्रत्येक वित्तीय वर्ष में पंजीकृत परिवारों को 100 के बदले 125 दिनों का गारंटीशुदा रोजगार।

2) 7 दिनों में मजदूरी भुगतान की सुविधा और विलंब की दशा में मजदूरी भत्ता।

3) कार्यो में तेजी लाने प्रशासनिक व्यय की सीमा को 6 प्रतिशत को बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया।

4) विकसीत भारत 2047 हेतु राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के ढांचे को रेखांकित किया। जिसमे :-

(क) जल संवर्धित कार्य – जल संरक्षण संवर्धन के समस्त कार्य।
(ख) ग्रामीणों के लिए मुख्य अधोसंरचना निर्माण कार्य में पुस्तकालय, नाली, आंगनबाड़ी, पंचायत भवन, लोक भवन एवं अन्य अद्योसंरचना जैसे लैब,कमरें, खेल मैदान, स्कूल बाउण्ड्री आदि। इसके साथ ही मुक्तिधाम, परिवहन शेड,सौर ऊर्जा हेतु अद्योसंरचना निर्माण।जल जीवन मिशन अंतर्गत सृजित कार्यो का रखरखाव एवं स्वच्छता शेड।
(ग) आजीविका संवर्धन अंतर्गत अद्योसंरचना निर्माण कार्यो में कौशल विकास शेड, ग्रामीण हाट बाजार, पीडीस शाॅफ,भंडारण संरचना,स्व सहायता समूहों हेतु भवन निर्माण। कृषि और उसे जुड़े विभाग के गतिविधि हेतु शेड निर्माण कार्य के साथ नर्सरी निर्माण।
(घ) मौसमी घटनाओं या आपदा से निपटने से सम्बंधित कार्य चक्रवात आश्रय स्थल, बाढ़ आश्रय स्थल,नहर एवं तटबंध निर्माण के साथ वृक्षारोपण आदि।

5) पारदर्शिता को बढ़ावा देने जीआईएस, ई-केवाईसी बायोमेट्रिक प्रणाली का उपयोग होगा।

6) दो माह के लिए कृषि अवकाश (60 दिवस) होगा जो राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किया जायेगा।

7) केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं में अभिसरण।

8) कार्य की मांग एवं उपलब्धता के आधार पर 15 दिवस में ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।

Nikhil Soni

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